चतुरंग दंडासन के फायदे

23 मई 2019   |  डॉ अंजली कश्यप   (65 बार पढ़ा जा चुका है)

चतुरंग दंडासन बनता है आपको मजबूत


चतुरंग दंडासन योग आपके शरीर का सही ढंग से गठन करने में मदद करता हैं। चतुरंग दंडासन रीढ़ के हड्डी को सीधा रख कर किया जाता हैं। इस आसन को हर किसी को करना चाहिए कियुँकि यह आपको बहुत ताकत प्रदान करता है। चतुरंग दण्डासन तीन शब्दों से मिल के बना हुआ है । चतुर, अंग और दंड। चतुर मतलब चार, अंग मतलब शरीर का हिस्सा और दण्ड का मतलब डंडा। चतुरंग दण्डासन सूर्य नमस्कार A और सूर्य नमस्कार B का एक महत्वपूर्ण भाग है। यह विन्यास प्रवाह योग शैली का केंद्र है।


इस आसन में आपके शरीर का पूरा भार आपके दोनों हाथ और पैरों के पंजे पर होता हैं। इस आसन में आपके शरीर का पूरा भार आपके दोनों हाथ और पैरों के पंजे पर होता हैं। चतुरंग दंडासन हमारे शरीर को शक्ति और स्फूर्ति देता है। यह आसन खाली पेट किया जाना चाहिए। यदि आपको कुछ खाना है तो कम से कम चार से छह घंटे पहले खाना चाहिए| अगर आप सुबह जल्दी योग का अभ्यास नही कर पीते हैं। अगर आपके पास अन्य काम हैं, तो आप शाम को भी इसे कर सकते हैं। बस अपने भोजन और अपने अभ्यास के बीच थोडा अंतर होना चाहिए। क्योंकि अभ्यास से पहले आपकी आंत खाली है।


चतुरंग दंडासन के फायदे-Benefits of Chaturanga Dandasana


चतुरंग दंडासन बाज़ुओं और कलाईयों को शक्ति प्रदान करता है। यह आपकी कलाई मजबूत और अधिक लचीला बनाता हैI


चतुरंग दंडासन को नियमित करने से मन शांत रहता है।


प्रतिदिन इस आसन को करने से कंधो को मजबूती मिलती है।


यह आसन पेट की चर्बीको कम करता है|


यह आसन पीठ दर्दमें राहत देता है।


यह आसन हांथो के संतुलन के लिए बहुत ही लाभदायक होता है।


चतुरंग दंडासन से एब्स टाइट होते है जिससे पेट एकदम फिट लगता है।




चतुरंग दंडासन के तरीके-Way of to Do Chaturanga Dandasana


सबसे पहले आसन बिछा ले, फिर पेट के बल लेट जाएँ।


अपने दोनों हाथों के हथेलियों और पैरों के उँगलियों पर अपनी बॉडी के वेट को छोड़ दें।


हांथो को आगे लाकर छाती के समीप लाये। फिर कंधो के सहारे थोड़ा सा जमीन पर टिक जाये।


इसके बाद हांथो पर वजन डालकर ऊपर उठे। साथ ही पैरो को भी उँगलियों के बल पर टिका ले।


फिर तब तक ऊपर आते रहे की आपके फोर आर्म और अपर आर्म के मध्य 90 डिग्री का कोण बने।


ध्यान रहे की पीठ सीधी होनी चाहिए और सारा वजन हांथो और कंधो पर नहीं होना चाहिए।


सर को शरीर की सिधाई में रखे और साथ ही आगे की और देखे।


इस आसन में आप 30 से 60 सेकंड तक रुक सकते है। फिर धीरे धीरे समय बढ़ा सकते है।



चतुरंग दंडासन मे सावधानी- Precautions of Chaturanga Dandasana


यदि आप गर्भवती है तो यह आसान न करे।


यदि आपकी कलाइयों में या फिर कमर में दर्द है तो इस आसन को न करे|


अगर आप किसी बीमारी से ग्रस्त है तो भी इस आसन को करने से बचे|





शब्द हैल्थ पर अन्य चर्चायें

© शब्द हैल्थ (health.shabd.in)

01
डॉ.स्नेहा दुबे
जनरल फिजीशियन
  • हमारे डॉक्टर से निःशुल्क जानिए की आपकी समस्या का सर्वोत्तम समाधान अंग्रेजी, आयुर्वेदिक, या फिर होम्योपैथिक मे से किसमे उपलब्ध है?
  • नमस्ते!
  • क्या आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है?

    हाँ नहीं
  • अपनी समस्या बताइये

    बताइये
  • आप अपने पूरे परिवार का साल भर का मेडिकल कॉन्सल्टेशन केवल 997 रुपये मे पा सकते हैं।

    एक्टिवेट कीजिये