एडी के दर्द का इस तरह करें इलाज

14 जून 2019   |  डॉ.स्नेहा दुबे   (78 बार पढ़ा जा चुका है)

अक्सर आपने देखा होगा कि अगर हम ज्यादा चल लेते हैं या फिर गर्म जगह खड़े रहते हैं तो सबसे पहले पैर की एडियां प्रभावित होती हैं. एडी का दर्द बहुत कष्टकारी होता है और ये समस्या ज्यादातर महिलाओं में हो जाती है. महिलाएं सारा दिन ऊंची हिल की सैंडल पहने रहती हैं जिसका असर सीधे उनकी एडी की हड्डियों पर ही पड़ता है. पूरे दिन की भाग-दौड़ी के बाद भी महिलाओं को चैन नहीं मिल पाता और एड़ी में दर्द ज्यादा चलने-फिरने से होने लगता है जिसका उपचार आसानी से नहीं हो पाता. ऐड़ी का दर्द बहुत कष्टकारी होता है और इसे ठीक करने के लिए लोग बहुत सारी चीजें करते हैं फिर भी सही नहीं होता है. यहां मैं आपको adi ke dard ka ilaj के बारे में विस्तार से बताऊंगी जिससे आपकी एड़ी की समस्याएं कम हो जाती हैं.


adi ke dard ka ilaj


कैसे होता है एड़ी में दर्द ?


एड़ी का दर्द बहुत आम होता है जो पीड़ित को आमतौर पर ऐड़ी के नीचे या इसके पीछे दर्द होता है. कभी-कभी ये दर्द बहुत असहनीय होने लगता है लेकिन यह आपके स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करता है. एड़ी का दर्द आमतौर पर हल्का ही होता है और ये अपने आप ठीक भी हो जाता है लेकिन कुछ मामलों में इसका दर्द बहुत तेज होने लगता है जो उपायों से भी ठीक नहीं हो पाता है. मानव के पैर में 26 हड्डियां होती हैं जिनमें से एड़ी की हड्डी सबसे बड़ी होती है. मानव एड़ी की संरचना इस तरह होती है कि वो आराम से शरीर के वजन को उठा सके. चलते, दौड़ते और कूदते समय एड़ी जमीन से टकराती है तो ये पैर पर पड़ने वाले दबाव को सोख लेती है. कुछ विशेषज्ञों का कहना है शरीर के वजन से 1.25 गुना ज्यादा 2.75 गुना दौड़ने के कारण पैरों पर ज्यादा दबाव पड़ता है. इसके चलते एड़ी कमजोर होने लगती है और दर्द शुरु हो जाता है.


क्या हैं एड़ी में दर्द के कारण ?


एड़ी का दर्द तो सामान्य होता है लेकिन जो अक्सर ज्यादा चलने की वजह से शुरु होकर कुछ समय बाद खत्म हो जाता है लेकिन एड़ी में दर्द के कई कारण भी होते हैं जिनके बारे में नीचे बताया गया है.

मोच आना या मांस फटना- जब पैर की हड्डियों या मांस में खिंचाव या मोच आ जाती है तो शारीरिक गतिविधियां रुक जाती हैं. पीड़ित के साथ पेश आए हादसे के आधार पर ये चोटें मामूली लगती हैं लेकिन असल में ये गंभीर हो जाती हैं.

फ्रैक्चर- कभी-कभी व्यक्ति की हड्डी टूट जाती है और आपातकालीन चिकित्सा की जरूरत होती है. आवश्यक देखभाल की जरूरत होती है, अगर फ्रैक्चर के दौरान आपकी देखभाल अच्छे से नहीं होती है तो ये दर्द हमेशा का बन सकता है.

बर्साइटिस- बर्सा द्रव से भरे हुए थैले होते हैं जो आपके जोड़ों में होते हैं. ये उन क्षेत्रों को घेरे रहते हैं जहां पेशियां त्वचा और मांसपेशियों के ऊतक हड्डियों से जुड़ते हैं. यहीं से दर्द शुरु होने लगता है और ये धीरे-धीरे तेज हो सकता है.

स्पांडिलाइटिस- ये गठिया का एक रूप है जो खासतौर पर रीढ़ को प्रभावित करती है. यह बर्टिबे यानी कशेरुकाओं में गंभीर सूजन का कारण बन सकता है, जिसमें लंबे समय तर चलने वाला दर्द शुरु हो सकता है.

रिएक्टिव गठिया- यह एक प्रकार का गठिया है और शरीर में होने वाले संक्रमण से शुरु होता है. इसमें भीषण दर्द होने लगता है और इसका इलाज दवा या ट्यूब से ही हो पाता है.

प्लांटर फेशियाइटिस- प्लांटर फेशियाइटिस उस समय होता है जब आपके पैरों पर ज्यादा दबाव पड़ने लगता है और इससे प्लांटर फेशिया लिगमेंट को नुकसान पहुंचाता है. इसके कारण एड़ी सख्त और दर्द से भरी हो जाती है.

अचिल्लेस टेन्डिनाइटिस- इसमें पिंडली की मांसपेशियों को एड़ी से जोड़ने वाले हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के कारण उसमें दर्द या सूजन हो जाती है. इसके बाद दर्द बढ़ने लगता है और परेशानी ज्यादा बढ़ने लगती है.

ऑस्टेओकोंड्रोसेस- ये प्रत्यक्ष रूप से बच्चों और किशोरों में ज्यादा होता है. हड्डियों प्रभावित करने लगता है. बच्चे ज्यादा चलते और दौड़ते हैं तो ये दर्द उसी वजह से शुरु हो जाता है.


एड़ी में दर्द के लक्षण


एड़ी का दर्द धीरे-धीरे शुरु होता है और अगर ये दर्द बिना किसी चोट या बीमारी के होता है तो अपने आप शुरु होकर अपने आप खत्म हो जाता है. यह दर्द आमतौर पर पतले तले वाले जूते और चप्पल पहनने से शुरु होता है और ऐसे जूते पहनने से प्लान्टर फेशिया में ज्यादा खिंचाव आने लगता है जिसकी वजह से ये सूज जाता है. सुबह से उठने के बाद और दिन में काफी समय तक आराम करने के बाद लक्षणों में हल्का सुधार होता है, हालांकि दिन खत्म होने पर ये आम हो जाता है. फिर भी अगर आपके एड़ी दर्द में ज्यादा समस्या आए तो डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए और उन्हें दिखाने के ऐसे लक्षण होते हैं-

1. एड़ी में दर्द के साथ बुखार आना

2. समान्य रूप से चलने में असमर्थता

3. एड़ी के दर्द का हफ्ते के बाद भी जारी रहना

4. पैर नीचे की ओर ना मुड़ पाना

5. एड़ी के पास सूजन और गंभीर दर्द

6. एड़ी में सुन्नता और झनझनाहट का होना


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एड़ी के दर्द का घरेलू इलाज


भागदौड़ भरी जिंदगी में छोटी-मोटी समस्या हो ही जाती है, जिसमें से एक एड़ियों का दर्द भी शामिल है. पैरों की एड़ियों में दर्द से चलने फिरने से बहुत परेशानी होने लगती है और इसमें शरीर के दूसरे हिस्सों में भी दर्द शुरु हो जाता है. यहां मैं आपको कुछ ऐसे नुस्खे बताऊंगी जिससे आपको एड़ी के दर्द छुटकारा मिल सकता है-

1. एड़ी के दर्द से राहत पाने के लिए दिन में कम से कम 3 बार नारियल या सरसों के तेल से एड़ी के दर्द वाले हिस्से में मालिश करें. इससे आपको दर्द से जल्दी ही राहत मिल सकती है.

2. एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर हल्दी भी एड़ी के दर्द को दूर करने में मददगार हो सकती है, जिसके लिए आप 1 गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी और शहद मिलाकर रात को सोने से पहले पी सकते हैं. आपको सुबह तक आराम मिल जाएगा.

3. एड़ी के दर्द को दूर करने के लिए गुनगुने पानी में 2 चम्मच सेंधा नमक मिलाइए. अब इसमें 10 से 15 मिनट तक पैर डालकर बैठे रहें. इस उपाय से आपको दर्द से छुटकारा मिल सकता है.

4. हर दिन सुबह एलोवेरा जेल का खाली पेट सेवन करना बहुत सी बीमारियों से बचा सकता है. उनमें से एक है एड़ियों का दर्द जो इस नुस्खे से आपको कुछ ही दिन में फर्क दिखाने लगेगा.

5. सरसों के तेल में हींग और लहसून को अच्छे से पका लें और फिर रात में एड़ियों में लगाकर सो जाएं, सुबह तक आपको फर्क पता चल जाएगा.



अच्छा लगा ये आपके टिप्स पढ़ कर घरेलु इलाज क रेमेडीज का प्रयोग करना अपने बताया, ऐड़ी की जलन को कैसे दूर करे प्लीज ये भी टिप्स बताइये मैंम।

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