पथरी का देसी इलाज आसानी से निकल जाएगा - Pathri Ka Desi Ilaj

09 अप्रैल 2019   |  डॉ.स्नेहा दुबे   (127 बार पढ़ा जा चुका है)

Pathri Ka Desi Ilaj- जब भी किसी के पेट में पर्द होता है तो वो इसे गैस या अपच की समस्या समझ लेता है. उसका उपचार करके वो उसे ठीक भी कर लेते हैं लेकिन कभी-कभी दर्द इतना बढ़ जाता है कि उसे अल्ट्रासाउंड से पता चलता है कि उनके पेट में पथरी है. अब इसके बाद उन्हें कई जतन करने होते हैं और फिर कोई घेरलू नुस्खे तो कोई इसे ऑपरेशन के जरिए निकलवाना चाहता है लेकिन असल में इसका उपचार किसी आसान तरीके से ही करवाना चाहता है. पथरी का आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और एलोपैथिक तीनों में इलाज है मगर आपको इसका घरेलू इलाज सबसे पहले उपयोग में लाना चाहिए. वैसे तो पथरी पित्ताशय और गुर्दे में पायी जाती है लेकिन मैं आपको गुर्दे में पथरी का देसी इलाज बताने जा रही हूं.


पथरी का देसी इलाज


गुर्दे में पथरी होने के लक्षण - Symptoms of Kidney stones


किडनी में स्टोन होना आम समस्या होती है. यूरीन में कई रासायनिक तत्व मौजूद होते हैं जैसे यूरिक एसिड, फॉस्फोरस, कैल्शियम और ऑक्जेलिक एसिड. ये सभी रासायनिक तत्व स्टोन बनाने के लिए उत्तरदायी होते हैं. गुर्दे की पथरी से पीठ या पेट के निचले हिस्से में बहुत तेजी से दर्द होता है और जो कुछ मिनटों या घंटों तक बना रहता है. अगर मूत्र ,संबंधी प्रणाली के किसी भाग में संक्रमण है तो इसमें बुखार, कंपकंपी, पसीना आना, पेशाब करने में दर्द होना जैसे लक्षणों की बाढ़ आ जाती है इसके अलावा भी कुछ लक्षण आम होते हैं.


यूरिन में ब्लड- किडनी स्टोन से पीड़ित लोगों का यूरीन अक्सर गुलाबी, लाल या भूरे रंग का आता है. स्टोन बढ़ने से मूत्रमार्ग ब्लॉक होने लगता है और किडनी मे पथरी वाले लोगों के मूत्र में रक्त भी आता है.


बार-बार यूरिन आना - किडनी स्टोन पीड़ित मरीजों में खासकर यूरीन बार-बार आने की शिकायत हो जाती है. ऐसा तब होता है जब किडनी स्टोन मूत्रमार्ग से मूत्राशय में जाते हैं. इसमें बहुत दर्द होता है और अक्सर यह मूत्र मार्ग में इंफैक्शन का कारण बनता है.


पीठ दर्द - किडनी स्टोन मरीजों को गंभीर दर्द होना आम बात है खासकर कमर और उसके निचले हिस्से में ज्यादा होता है.दर्द पेट के निचले हिस्से से लेकर जांघ तक पहुंट जाता है और यह दर्द कुछ मिनटों या घंटों तक बना रहता है.


बार-बर उल्टी का एहसास होना - पेट में हर समय गड़बड़ महसूस होना और किडनी स्टोन के शुरुआती संकेतों में उल्टियां आना भी शामिल होता है. उल्टियां दो कारणों से होती है पहला स्टोन के बढ़ने के कारण और दूसरा किडनी में गंदगी को बाहर आने में मदद करने के कारण.


बैठने में परेशानी- किडनी स्टोन में कई लक्षण सामने आते हैं और जैसे-जैसे पथरी बढ़ने लगती है आपको हर समस्या के साथ बैठने में सबसे ज्यादा परेशानी होने लगेगी. यहां तक की वह आरामदायक स्थिति में लेटने और बैठने में असमर्थ हो जाते हैं.


किडनी और पेट में सूजन आना- बड़े स्टोन मूत्र प्रवाह को ब्लॉक करके किडनी में दर्दनाक सूजन बढ़ा देती है. किडनी डायाफ्राम के पास शरीर के नीचे दोनों ओर स्थित होती है और स्टोन होने पर आपक इस जगह पर सूजन महसूस करने लगेंगे.


पथरी को निकालने के देसी इलाज - Pathri Ka Desi Ilaj


किडनी में स्टोन होना आम बात है.यूरीन में की रासायनक तत्व मौजूद होते हैं जैसे यूरिक एसिड, फॉस्फोरस, कैल्शियम और ऑक्जेलिक एसिड और ये सारे रासायनिक तत्व स्टोन बनाने की बड़ी वजह होती है.इसके अलावा विटामिन डी के सेवन से शरीर में लवणों के असंतुलन से डीहाइड्रेशन से और अनियमत डाइट लेने से भी किडनी में स्टोन हो जाता है. इसे अपने शरीर से निकालने के लिए सर्जरी से बेस्ट ऑप्शन इसके घरेलू या देसी इलाज होते हैं जिसे आपको जरूर अपनाना चाहिए.


लेमन जूस और ऑलिव ऑयल - लेमन जूस और ऑलिव ऑयल को मिलाकर गॉलब्ले़र के स्टोन के लिए सेवन किया जाता है लेकिन किडनी स्टोन में भी ये मददगार होता है. नींबू के रस में मौजूद सिट्रिक एसिड कैल्शियम बेस वाले स्टोन को भी खत्म करता है और ये दोबारा नहीं बने इसका भी ख्याल रखता है. इस मिश्रण को बनाने के लिए नींबू के रस और ऑलिव ऑयल को बराबर मात्रा में मिलाकर दिन में दो बार लीजिए.


अनार का जूस - अनार का जूस और उसके बीजों में ही एस्ट्रीजेंट गुण पाया जाता है जो कि किडनी के स्टोन के उपचार में फायदेमंद होता है. अनार का जूस किडनी स्टोन को गलाकर मूत्र मार्ग से निकालने में मदद करता है.


तरबूज - मैग्निशियम, फॉस्फोरस, कार्बोनेट और कैल्शियम से बने किडनी स्टोन के इलाज के लिए तरबूज एक अच्छी चीज मानी जाती है. तरबूज में पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है और ये स्वस्थ किडनी के लिए भी अच्छा होता है. पोटैशियम यूरीन में एसिड लेवल को मेंटेन रखने के लिए भी तरबूज मददगार होता है. आपको किडनी स्टोन होने पर दिन में एक प्लेट तरबूज तो जरूर खाना चाहिए.


राजमा - राजमा में फाइबर पाया जाता है जिसे किडनी बीन्स भी कहा जाता है. किडनी बीन्स किडनी और ब्लेडर से जुड़ी हर तरह की समस्याओं से राहत दिलाने में कारगर होता है इसे बनाने से एक रात पहले भिगोया जाता है और उस पानी को पीने से किडनी स्टोन में फायदा मिलता है.


व्हीट ग्रास - व्हीट ग्रास को पानी में उबालकर ठंडा कर लें और फिर इसे नियमित रूप से किडनी के स्टोन और किडनी से जुड़ी दूसरी बीमारियों के लिए सेवन करना चाहिए, आराम मिलता है.


पानी का ज्यादा सेवन - पथरी होने पर अगर आप ज्यादा से ज्यादा पानी पीते हैं तो शरीर में पानी की कमी दूर होती है.इसके साथ ही पथरी को भी धीरे-धीरे बाहर निकालने का काम करता है. इससे आपका जीवन स्वस्थ हो जाएगा.


तुलसी - तुलसी के बीज का हिमजीरा दानेदार शक्कर और दूध के साथ लेने पर एक महीने में पथरी मूत्र के मार्ग से निकल जाती है. कभी-कभी ऐसा होने में समय लगता है लेकिन इसका सेवन फायदा जरूर करता है.


सहजन की सब्जी - गुर्दे में किडनी होने पर सहजन की सब्जी खाना बहुत फायदेमंद होता है. ऐसा कहा जाता है कि इसकी सब्जी खाने से पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है.




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