पथरी होने के कारण | Pathri Hone Ke Karan In Hindi

10 अप्रैल 2019   |  डॉ मुकुल पांडेय   (108 बार पढ़ा जा चुका है)

पथरी होने के कारण | Pathri Hone Ke Karan In Hindi

आजकल के भाग-दौड़ भरी जिदंगी में खान-पान का ध्यान नहीं रखने पर शरीर में कई प्रकार की बीमारियां घेर लेती है जिनका इलाज अगर समय से नहीं किया जाए तो ये आगे चलकर गंभीर समस्या बन जाती है। इन बीमारी में से एक है गुर्दे में पथरी की समस्या भी इन्हीं रोगों में से एक है। आज हम आपको पथरी होने के कारण Pathri Hone Ke Karan के बारें में बताएंगे जिसके आपको पथरी के बारें में अधिक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। पथरी होने पर पेट में और मूत्र मार्ग में काफी असहनीय दर्द होता है। आजकल के लोग अपना ज्यादातर समय घर से बाहर व्यतीत करते है और ऐसे में वे बाहरी चीजों को भी खाने से परहेज नहीं करते है। जिन पदार्थों में ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होती है जो पेशाब में मौजूद कैल्शियम के साथ प्रतिक्रिया करके पथरी रोग को जमा कर देते है। कई बार पथरी के छोटे होने पर यह बिना अधिक दर्द के आसानी के साथ मूत्र मार्ग के जरिए बाहर निकल जाती है।लेकिन यदि इनका आकार बढ़ जाता है यह मूत्र मार्ग में अवरोध उत्पन्न कर देता है जिस कारण से मूत्र मार्ग के आसपास में अत्यधिक दर्द होता है।पथरी होने के कुछ निम्नलिखित कारक हो सकते है-


पथरी के मुख्य कारक


1.चाय और कॉफी का अत्यधिक उपयोग- अगर आप रोजाना अधिक चाय और कॉफी का सेवन करते है तो यह आपके शरीर में पथरी होने का कारण हो सकता है अगर आप पथरी होने पर इनका सेवन करना बंद नहीं करते है तो आपके शरीर में पथरी के आकार को बढ़ा सकते है।


2.पानी का कम सेवन- अगर आप दिनभर में 5-6 लीटर से कम पानी का सेवन करते है यह आपके शरीर में पथरी होने का कारण बन सकता है। अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से मूत्र के जरिए बाहर निकलने के लिए डाइलूट को पतला करना होता है इसलिए आवश्यक है कि आप अधिक मात्रा में पानी का सेवन करें जिससे शरीर में मिनरल्स गुर्दे में इकट्ठा नहीं होगा।




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3.नमक का अधिक उपयोग- भोजन में अधिक नमक का सेवन करने से भी पथरी का कारण बन सकता है इसलिए नमक का सेवन कम करना चाहिए क्योंकि इसमें सोडियम होता है, जो पेट में जाकर कैलशियम बन जाता है और धीरे-धीरे यह पथरी का रूप ले लेता है।




4.मांसाहारी का सेवन- मांसाहारी पदार्थो के सेवन में इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है जिससे किडनी में प्यूरीन की मात्रा में वृद्धि करता है जिससे यूरिक एसिड का स्तर बढ़ाता है जो पथरी का कारण बनता है इसलिए मांसाहारी पदार्थो का सेवन कम मात्रा करना चाहिए।


5.बीज वाले वस्तुओं का सेवन- अगर आप डाइट में बीज वाली चीजों का सेवन ज्यादा करते हैं तो पथरी की बीमारी हो सकती है। इन पदार्थों में ऑक्सलेट पाया जाता है जो पथरी बनने का कारण होता है। ऐसी में बीज वाली चीजें जैसे टमाटर, अमरूद, बैगन, अनार को कम मात्रा में खाना चाहिए।


पथरी होने के कुछ अन्य कारणों में जैसे मूत्र मार्ग में अवरोध होना, विटामिन सी का अत्याधिक सेवन, अधिक समय तक बिस्तर पर लेटे रहना, मूत्रमार्ग में संक्रमण भी पथरी होने के कारणों में से मुख्य होते है।


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पथरी होने के लक्षण


1.कमर और पेट में रुकावट के साथ या लगातार दर्द

2.पेशाब में जलन

3.मूत्र त्याग में अधिक दर्द और खून आना

4.उल्टी और जी मिचलाना

5.बहुत कम पेशाब लगना

6.अचानक से पेशाब का बंद हो जाना


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