मुंह के छाले ठीक करने के उपाय -Chale Kaise Thik Kare

24 मई 2019   |  डॉ.स्नेहा दुबे   (18 बार पढ़ा जा चुका है)

Chale Kaise Thik Kare- वैसे तो व्यक्ति के शरीर में सभी पार्ट्स जरूरी होते हैं लेकिन हमारी सारी सेहत कुछ खाने-पीने से ही बनती है और हम खाते मुंह से ही हैं. अगर इसमें कोई परेशानी हो जाती है तो खाना-पीना भी मुश्किल हो जाता है और ज्यादातर लोगों के मुंह में छाले ही होते हैं जिसके बाद कुछ भी खाना नामुमकिन हो जाता है लेकिन सेहत ठीक रखने के लिए इंसान खाता ही है. कभी मुंह में छाले इतने बड़े हो जाते हैं कि व्यक्ति का खाना-पीना तो दूर बोलना भी दुष्वार कर देता है और फिर उन्हें डॉक्टर का सहारा लेना पड़ता है. मगर ज्यादातर लोगों को छोटे छाले ही होते हैं जो गले से धीरे-धीरे शुरु होकर मुंह के अंदर और होठों तक आ जाता है.


Chale Kaise Thik Kare

कैसे होते हैं छाले ? chale kaise hote hai ?


मुंह के छाले को कोल्ड सोर कहा जाता है जो छोटे और तरल पदार्थ से भरे हुए होते हैं. आमतौर पर होठों में और उसके आसपास या मुंह के अंदर गाल में छाले होते हैं. ये किस (Kiss) करने, जूठा पानी पीने या गलत खान-पान की वजह से होते हैं. ऐसा हर्पस सिंप्लेक्स वायरल के कारण ही होता है जो करीब-करीब जेनिटल हर्पीज यानी गुप्तांग में होने वाले दाद की तरह होता है और ये दोनों वायरल मौखिक संभोग के कारण अक्सर फैलता है. मुंह के छाले या कोल्ड सोर दिखाई ना दें लेकिन यह एक दूसरे को होने वाला संक्रामक रोग माना जाता है. वैसे आपको बता दें कि मुंह के छाले 5 चरणों के होते हैं (Stages Of Cold Sores in Hindi)-

पहला चरण– छाले निकलने से लगभग 24 घंटे पहले त्वचा में खुजली और मुंह में अजीब सा लगने लगता है.

दूसरा चरण– इस चरण में त्वचा पर द्रव्य से भरे छाले नजर आने लगते हैं.

तीसरा चरण– इसमें छाले फटते हैं और उसमें से द्रव्य सा निकलने लगता है और ये बहुद दर्दभरा होता है.

चौथा चरण– इस चरण में छाले सूखते हैं और पपड़ी जमने लगती है. जिसमें खुजली का एहसास भी होता है.

पांचवा चरण– इस चरण में पपड़ी निकल जाती है और छाला ठीक होने वाला होता है.


क्या होते हैं मुंह में छालों के लक्षण- Symptoms of cold sores in hindi


जब मुंह में छाले होते हैं तब व्यक्ति लिक्विड और बिना नमक या मिर्च की डाइट लेना पसंद करता है वो भी अगर ज्यादा समस्या है तो उस डाइट का सेवन करना भी उनके लिए समस्या ले आता है. तो जैसे ही आपको मुंह के छालों के लक्षण पता चले तो तुरंत इसका इलाज करना शुरु कर दें. यहां मैं आपको मुंह के छालों के कुछ मुख्य लक्षणों के बारे में बताऊंगी.

1. मुंह में फुंसी जैसा होना, जहां लगातार दर्द बना रहता है.

2. मुंह के अंदर कटा हुआ या अलग तरह का महसूस होना.

3. कई बार इसमें बुखार भी आ जाता है.

4. मुंह में सूजन होने लगती है.

5. धीरे-धीरे मुंह या गले में खुजली होने लगती है जो छोटे-छोटे दानों में बदल जाता है.

6. मुंह में दर्द की वजह से सिर दर्द भी हो सकता है.

7. मांसपेशियों में दर्द का एहसास होने लगता है.


क्या होते हैं छालों के कारण ?- kya hote hain chalo ke karan


मुंह के छाले बहुत परेशान करते हैं और इसका सही कारण किसी को समझ नहीं आता लेकिन फिर भी कुछ बातें हैं जिन्हें डॉक्टर्स के आधार पर लिखा गया है कि मुंह में छालों के होने के कुछ ऐसे कारण होते हैं..

1. पाचनतंत्र का खराब होना.

2. ज्यादा तेल मसाले मिर्च वाली चीजों को खाने से.

3. अनुवांशिक

4. हार्मोन का बदलाव

5.विटामिन B की कमी से

6. खाते समय दांत से गाल कट जाना

7. ज्यादा सिगरेट पीना

8. खट्टी चीजों का अधिक सेवन करना


Chale Kaise Thik Kare


मुंह के छालों के घरेलू उपाय- Muh ke Chalo ka Gharelu Upay


वैसे तो मुंह के छाले 4-5 दिन में खुद ही ठीक हो जाते हैं लेकिन कभी-कभी जब भयंकर छाले हो जाते हैं. छाले ठीक करने के लिए लोग डॉक्टर के पास भी चले जाते हैं और डॉक्टर्स छाल की दवाई लिख देते हैं. बहुत से लोग घरेलू इलाज से भी मुंह के छालों को ठीक करते हैं. मुंह के छाले दर्दनाक होते हैं और उन्हें दवाओं के बजाय घरेलू उपायों से ठीक करने की कोशिश करें.

टी ट्री ऑयल- टी-ट्री ऑइल में एंटीवायरल गुण पाये जाते हैं, जो संक्रमण पैदा करने वाले वायरस को खत्म कर घाव को सूखने में मदद करता हैं. टी-ट्री ऑयल को रुई में भिगोकर छालों पर लगाएं और ऐसा आपको दिन में दो बार करना चाहिए खासकर सोने से पहले.

बर्फ- बर्फ के टुकड़े को छालों पर लगाना चाहिए और ऐसा आपको दिन में कई बार करते रहन चाहिए. बर्फ की ठंडक से छाले मरते हैं और जल्दी ठीक होते हैं.

नारियल तेल- नारियल का तेल अच्छा एंटीमाइक्रोबियल एजेंट के रूप में काम करता है. इसमें ट्राइग्लिसराइड्स पाया जाता है, जो लॉरिक एसिड और ओलिक एसिड की तरह काम करता है और ये दोनों एसिड वायरस को मार सकते हैं और छाले को ठीक कर देते हैं. नारियिल के तेल को रुई से अपने छालों पर लगाएं और ऐसे ही छोड़ दें. आप दिनभर में हर एक घंटे में ऐसा कर सकते हैं.

सेब का सिरका- सेब का सिरका एंटी-माइक्रोबियल एजेंट होता है जो संक्रमण पैदा करने वाले वायरस को खत्म करके छालों को ठीक कर देता है.सेब के सिरके को रुई में भिगोकर छालों पर लगाएं और इसे सूखने दें. ऐसा आपको दिन मे कम से कम चार बार करना चाहिए.

लहसुन- लहसुन में मौजूद यौगिक और गुण हर्पीस सिंप्लेक्स वायरल टाइप-1 के प्रभाव को कम करता है. यह छालों को ठीक करने का बहुत ही आसान और सस्ता उपाय माना जाता है. लहसुन की छोटी कलियों को कुचलर छालों पर लगाएं. बेहत परिणाम के लिए आपको सुबह-सुबह लहसुन का सेवन करना चाहिए.

लेमन बाम ऑयल- लेमन बाम ऑयल घाव को भरने में सहायक होता है क्योंकि इसमें एंटीवायरल गुण पाया जाता है. यह संक्रमण पैदा करने वाले वायरल को कम करता है और छाले ठीक हो जाते हैं. लेमन बाम ऑयल को रुई से अपने छालों पर लगाएं और इसे सूखने दें. अगर आप इसे धोना चाहते हैं तो लगाने के 15-20 मिनट बाद ही धुलें और याद रहे इसे दिन में तीन बार जरूर करें.

समुद्री नमक- नमक में एंटी-माइक्रोबियल और वायरल को निष्क्रिय करने के गुण मौजूद होते हैं जो छालों को ठीक कर सकते हैं. चुटकीभर समुद्री नमक को अपने हाथ को अच्छे से धुलकर छालों पर लगाएं और ऐसा आपको 30 सेकेंड तक अपनी उंगली को छालों पर रखे रहें. फिर मुंह को धुल लें और ऐसा आपको छाले होने के दौरान दिन मं दो से तीन बार करना होगा.

शहद- शहद में एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं. ये ना सिर्फ छालों को ठीक करता है बल्कि छाले की जलन से भी त्वचा को आराम देता है. इसके लगातार उपयोग से छाले जल्दी ठीक होते हैं आधे चम्मच शहद को अपनी उंगली से छालों पर लगाएं और फिर 5-8 मिनट तक लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें. ऐसा आपको दिन में दो बार करना चाहिए.

पिपरमिंट ऑयल- पिपरमिंट का तेल हर्पस सिम्लेक्स वायरल के खिलाफ काम करता है और वायरस के प्रभावों को भी कम करता है. इसके अलावा एक रिसर्च के मुताबिक इसे बार-बार होने वाला हर्पीस संक्रमण में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लगातार उपाय से छाले ठीक हो जाते हैं. पिपलमिंट ऑयल को रुई में भिगोकर छालों पर लगाएं और 15 मिनट के बाद मुंह को अच्छे से धुल लें. ऐसा आपको दिन में तीन बार करना चाहिए.



शब्द हैल्थ पर अन्य चर्चायें

© शब्द हैल्थ (health.shabd.in)

01
डॉ.स्नेहा दुबे
जनरल फिजीशियन
  • हमारे डॉक्टर से निःशुल्क जानिए की आपकी समस्या का सर्वोत्तम समाधान अंग्रेजी, आयुर्वेदिक, या फिर होम्योपैथिक मे से किसमे उपलब्ध है?
  • नमस्ते!
  • क्या आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है?

    हाँ नहीं
  • अपनी समस्या बताइये

    बताइये
  • आप अपने पूरे परिवार का साल भर का मेडिकल कॉन्सल्टेशन केवल 997 रुपये मे पा सकते हैं।

    एक्टिवेट कीजिये