एंजाइना क्या है ? इसके लक्षण और कारण

05 जून 2019   |  डॉ.स्नेहा दुबे   (35 बार पढ़ा जा चुका है)

एंजाइना सीने में बार-बार होने वाला दर्द होता है जो हृदय रोग का संकेत देता है. एंजाइना में सीने का दर्द एरोस्थि के नीचे से शुरु होता है और ये मुख्य कोरोनरी धमनियों में रुकावट के कारण दिल में रक्त के प्रवाह में कमी आने पर होता है. एंजाइना के मुख्य लक्षण सीने में दर्द, भारीपन, जकड़न जैसी समस्याएं होती हैं. सबसे सामान्य एंजाइना स्थिर एंजाइा है जो कुछ मिनट तक रहता है और यह सीढि़यां चढ़ने या तनाव के दौरान शुरु होता है और आराम कनरे या दवा लेने से ये ठीक भी हो जाता है. इसके अलावा मैं आपको Angina ke Lakshan और उपायों के बारे में भी बताऊंगी.


एंजिना के लक्षण


क्या है एंजाइना ?


हृदय मांसपेशियों में कम रक्त प्रवाह के कारण होने वाले सीने के दर्द को एंजाइना कहते हैं. एंजाइना को आमतौर पर छाती में दबाव, भारीपन, जकड़न या दर्द में विस्तारित किया जाता है. जीवनशैली में परिवर्तन और दवाओं का सेवन करके इसे नंयत्रित किया जाता है और अगर एंजाइना के लक्षण काफी प्रभावित होते हैं तो इसकी सर्जरी भी कराई जा सकती है. जब हृदय की मांसपेशियों के द्वारा ऑक्सीजन युक्त रक्त बहुत कम मात्रा में दिल को प्राप्त होता है तब छाती में तनाव, दर्द और अविधा जैसी चीजें होने लगती हैं और सबसे अहम बात कि जो एंजाइना के लक्षण को महसूसस करता है उसे हृदय रोग भी होने की संभावना होती है. एंजाइना में व्यक्ति अगर सो रहा हो तब भी उन्हें दर्द या असुविधा हो सकती है इसकी कोई निश्चित अवधि नहीं होती है बस ये जब होता है उसके पहले कुछ लक्षण देता है उन्हें पहचानने की जरूरत होती है.


कितने प्रकार का होता है एंजाइना ?


एंजाइना में अलग-अलग तरह की अवधियां होती है जिसमें से विभिन्न प्रकार के लक्षण होते हैं. यहां मैं आपको एंजाइना के तीन प्रकारों के बारे में बताऊंगी.

स्थिर एनजाइना- इसे एनजाइना पिक्टोरिस के नाम से भी जाना जाता है, यह एनजाइना का सबसे सामान्य प्रकार होता है. स्थिर एनजाइना तब होती है जब हृदय को सामान्य से अधिक या फिर कठिन परिश्रम करना पड़ता है, जैसे- सीढ़ियों पर चढ़ते समय, व्यायाम के दौरान. शारीरिक गतिविधि या तनाव इसे बढ़ाने में मदद करते हैं और ये आमतौर पर कुछ मिनट या लगभग 5 मिनिट तक रहता है, और आराम करने के दौरान दूर हो जाता है.

अस्थिर एनजाइना- ज्यादातर मामलों में अस्थिर एनजाइना अचानक उत्पन्न होने वाला दिल का दर्द होता है और यह दर्द समय के साथ बढ़ता जाता है, जो दिल का दौरा पड़ने का कारण बन सकता है. आराम करने के दौरान या कम परिश्रम करने के दौरान भी इस दर्द को महसूस किया जाता है. अस्थिर एनजाइना में दर्द अधिक और लंबे समय तक रह सकता है, और यह दर्द बार-बार होता है. अस्थिर एनजाइना, स्थिर एनजाइना से अधिक गंभीर होता है, यह बेहद दर्दनाक और असहनीय होता है.

प्रिंज़मेटल एनजाइना - इसे वेरिएंट एनजाइना नाम से भी जाना जाता है जो बहुत कम देखने को मिलता है. रात के समय जब व्यक्ति सो रहे होते हैं तो यह दिल में अचानक दर्द का कारण बन जाता है. इस प्रकार के एनजाइना में दिल की धमनियां अचानक संकीर्ण हो जाती हैं, जिससे हृदय में रक्त प्रवाह कम भी हो जाता है. इससे पीड़ित व्यक्ति को बहुत दर्द हो सकता है और इस दर्द को कम करने के लिए दवा का सहारा लिया जाता है.


एंजाइना के लक्षण


कई बार एंजाइना के दर्द को पेट की गैस मान ली जाती है. पुरुषों को ये दर्द छाती, गर्दन या कंधे पर महसूस होता है तो वहीं महिलाओं को ये दर्द हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ पर महसूस होता है. इसमें मरीज को सांस लेने में दिक्कत, पसीना आन और चक्कर आना शामिल होता है. एक रिसर्च के मुताबिक पाया गया है कि महिलाएं एंजाइना के दर्द का वर्णन करने के लिए दबाव जैसे शब्दों का इस्तेमाल करती हैं. वैसे इस बीमारी को पहचानने के लिए इन लक्षणों को पहचानना चाहिए.

1. छाती में दर्द और बेचैनी के साथ-साथ दबाव महसूस करना तथा जलन महसूस करना

2. हार्टबर्न की समस्या महसूस होना

3. आपकी बाँहों, गर्दन, जबड़े, कंधे या सीने में दर्द के साथ पीठ में भी दर्द होता है

4. बेचैनी होना और जी मिचलाना

5. चक्कर आना

6. थकान महसूस होना

7. सांसों में कमी या सांस लेने में असुविधा होना

8. दुर्बलता का अनुभव होना

9. पसीना आना

10. खट्टी डकार आना


एंजिना के लक्षण


एंजाइना के प्रमुख कारण


एंजाइना व्यक्ति के हृदय की मांसपेशियों में कम रक्त प्रवाह के कारण होता है. आपके रक्त में मौजूद ऑक्सीजन, आपके हृदय की मांसपेशियों के जीवित रहने के लिए बहुत जरूरी होता है. जब आपके दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है तो यह आइस्केमिया का कारम बन जाता है. व्यक्ति की मांसपेशियों में होते कम रक्त प्रवाह का सबसे आम कारण कोरोनरी धमनी रोह है जो व्यक्ति के हृदय धमनियां प्लैक्स जमा होने के कारण संकुचित होती है और इसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहते हैं. वैसे


इसके दो प्रकार होते हैं.


स्थिर एंजाइना- ये आमतौर पर शारीरिक परिश्रम के कारण शुरु होता है और शारीरिक गतिविधियों के अलावा दूसरे कारणों जैसे भावनात्मक तनाव, ठंडे तापमान, भारी भोजन और धूम्रपान से हो जाता है. धमनियों को संकीर्ण कर सकते हैं और एंजाइना को ट्रिगर करते हैं.

अस्थिर एंजाइना- किसी भी रक्त वाहिका में जमा वसा-युक्त प्लैक्स के टूटने से खून के थक्कों का निर्माण होता है जिसके कारण यह रक्त वाहिकाओं में रक्त प्रवाह को अवरुद्ध करते हैं.



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