इस तरह करें पेट की जलन का उपाय

14 जून 2019   |  डॉ.स्नेहा दुबे   (38 बार पढ़ा जा चुका है)

एक समय था जब लोग निर्धारित समय पर नाश्ता, दिन का और रात का खाना ले लिया करते थे लेकिन आज के दौर में खाना खाने से जरूरी काम हो गया है. भाग-दौड़ भरी जिंदगी में लोग थक तो जाते हैं और पेट भरने के लिए कुछ भी खा लेते हैं और इसका परिणाम पेट की समस्याओं से शुरु होने लगती है. आज के समय में सुबह का नाश्ता दिन में और दोपहर का खाना शाम को होता है जबकि रात का खाने का कोई पता नहीं होता. इसकी वजह से pet me jalan की समस्या शुरु हो जाती है और अगर इसका इलाज नहीं होता है तो बीमारियां भी हो जाती हैं. अगर आपको भी पेट की समस्याएं या फिर पेट में जलन की समस्या है तो ये खबर आपके लिए ही है.


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पेट में जलन के कारण


हम सभी के पेट में एसिड होता है जो भोजन और तरल पदार्थों को पचाने में मदद करता है. पेट में भोजन का प्रवेश एक वॉल्व के जरिए कंट्रोल रहता है और यह वॉल्व भोजन को फिर से इसोफेगस या फिर एसिड को पेट में भोजन नली में जाने से रोकते हैं. एसिड एसिड रिफ्लक्स तब होता है, जब स्फिंक्टर सही तरीके से बंद नहीं होता है। वहीं, पेट का एसिड इसोफेगस में चले जाने से पेट की जलन के साथ-साथ दूसरी कई परेशानियां भी शुरु हो जाती हैं. यह कई कारणों से होने लगताहै और जिसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं.

1. कई लोग पूरे दिन ठीक से खाते नहीं हैं और फिर एक बार में ज्यादा खा लेते हैं जिसकी वजह से पेट में जलन की समस्या शुरु हो जाती है.

2. जरूरत ज्यादा मोटापा होने से भी पेट की जलन होने लगती है.

3. ज्यादा तेल-मसाले वाला या फैट युक्त खाने की चीजों से भी पेट में जलन होती है.

4. बहुत से लोग ज्यादा चाय-कॉफी पीने की आदत से घिरे रहते हैं और इसका नतीजा पेट में जलन होता है.

5. एल्कोहल वाले पेय पदार्थों का सेवन हानिकारक है.

6. धूम्रपान करना भी पेट में जलन का एक कारण होता है.

7. अक्सर लोग खाना खाने के बाद लेट जाते हैं और इसकी वजह से गले में जलन शुरु होती है जो पेट पर खत्म होती है.

8. कभी-कभी लोग तनाव के कारण खाना कम या ज्यादा खा लेते हैं जिसकी वजह से पेट में जलन होती है.

9. प्रेग्नेंसी के दौरान पेट में जलन होना आम बात है.

10. जंक फूड खाने से पेट में जलन होना भी एक अमूमन बात है.


पेट में जलन के लक्षण


मानव शरीर में कोई भी बीमारी होने से पहले उसके लक्षण दिखने लगते हैं. पेट में जलन होने से पहले भी कुछ ना कुछ लक्षण देखने को आसानी से मिल जाते हैं. वैसे पेट में जलन के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं जिन्हें पहचानने पर इसका उपाय शुरु कर देन चाहिए.

1. पेट, सीने, इसोफेगस और गले में अजीब सी हलचल

2. जी मिचलाना या उल्टी का हो जाना

3. पेट में गैस का बनना

4. बार-बार खराब डकार आना

5. पेट का फूलकर कड़़ा हो जाना

6. गले में खराश होकर जलन होने लगना

7. खांसी या घबराहट का होना

8. हिचकी आना और पानी पीने के बाद भी ठीक नहीं होना

9. कुछ निगलने में परेशानी होना

10. सिर का भारी हो जाना


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पेट में जलन रोकने के घरेलू उपाय


कुछ लोगों को अक्सर सीने या पेट में जलन की शिकायत हो जाती है. जब हम खाना खाते हैं तो हमारी लार खाने के साथ मिलकर स्टार्च के छोटे अणुओं में तोड़ने लगती है. इसके बाद खाना भोजन नली के रास्ते पेट में जाता है जहां भोजन पचाने के लिए कई तरह के एसिड और तरल पदार्थ बनने लगते हैं जिसमें से एख स्टमक एसिड भी होता है. कुछ लोगों को लोवर इसोफैगियल स्फिंक्टर सही से बंद नहीं होता और खुला रहने की वजह से पेट का एसिड वापस बहकर आहार नली में चला जाता है. जिसकी वजह से सीने या पेट मे जलन होने लगती है. इस जलन को रोकने के लिए हमें कुछ घरेलू उपायों का इस्तेमाल करनी चाहिए.

सेब का सिरका- एक गिलास पानी में दो से तीन चम्मच सेब का सिरका मिलाकर हर रोज रात में पी लें. अगर स्वाद सही नहीं लगे तो आप शहद का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. जब पेट के एसिड से आपको इसोफेगस में जलन का अनुभव हो तब ज्यादा एसिड के सेवन से इसे शांत किया जा सकता है. सेब का सिरका पेट की जलन का रामबाण उपाय माना जाता है.

सौंफ खांए- पेट में जलन होने पर सौंफ खाने से आराम मिलता है. सौंफ भोजन को पचाने वाला रस होता है इसलिए अगर हो सके तो हर दिन खाने के बाद सौंफ जरूर खाएं इससे पाचन तंत्र भी ठीक रहता है और जलन भी नहीं होती है.

जीरा और नींबू- अगर पेट मे बहुत जलन हो रही है तो एक गिलास पानी में एक नींबू आधा चम्मच भुने हुए जीरे का पाउडर मिलाकर नमक मिलाकर पी जाएं. इससे जलन तुरंत ठीक हो जाती है.

एलोवेरा जेल- आधे कप एलोवेरा जेल को पानी के साथ खाना खाने से पहले खा लें. एलोवेरा जेल में एंथ्राक्विनोन के गुण पाए जाते हैं जिनमें प्राकृतिक रूप से पेट साफ करने का गुण का होता है. यह न केवल आपकी आंत में पानी की मात्रा को बढ़ाता है, बल्कि जल स्राव को भी बढ़ाता हैं जिससे मल आसानी से त्यागा जा सकता है.

दूध का सेवन- एक गिलास ठंडे दूध को खाने के बाद पिएं. एसिडिटी की परेशानी को कम करने के लिए भोजन करने के कुछ देर बाद ये दूध पिएं. इसमें गैस्ट्रिक एसिड को स्थिर करने में मदद करता है और आपको एसिडिटी से राहत दिलाता है. अगर आपको लैक्टोज और कैसिन से एलर्जी है तो इस नुस्खे को नहीं करें.

ग्रीन टी- एक कप ग्रीन टी में शहद मिलाकर पिएं इससे पेट की जलन खत्म होती है. इसका सेवन आप दिन में दो बार कर सकते हैं. हर्बल चाय में एसि़ड को बेअसर करने वाला गुण पाया जाता है. यह चाय पेट की जलन को शांत करता करती है. इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इसोफेगस में होने वाले जलन को भी कम करता है.



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डॉ.स्नेहा दुबे
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