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नेताओं के वादे माने चटपटे गोलगप्पे

19 जून 2022

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"आपको पता है, नेताओं को ना तो बैकवर्ड से कोई मतलब है, ना फारवर्ड से। उन्हें केवल वोट बैंक से मतलब है। वे जिसे वोटों के लिए भरमा सकते है, उन्हें आरक्षण का झुनझुना पकड़ाकर वोट लेते हैं। जिन्हें वोट बैंक में तब्दील नहीं कर पाते, उनके लिए कुछ नहीं करते। अगर सही मायने में आपको उनका सामाजिक आर्थिक स्तर बढ़ाना है, तो सरकारी नौकरियों को खत्म करने की कवायद क्यों चल रही है? नौकरियां सृजित करो, तभी तो आरक्षण सफल होगा। दोनों को बेवकूफ बनाते है और जनता आपस में लड़ती-मरती रहती है...और ये चैन की बंसी बजाते अपनी राजनैतिक रोटियां सेकतें रहते हैं। लेकिन अगर......"

"सिया!  सिया!....निया!....क्या हो रहा है?" मम्मी ने दूसरे कमरे से आवाज लगाई। 

"कुछ नहीं!!! सिया  नींद में बड़बड़ा रही है।" निया ने उत्तर दिया। 

- मेरी कहानी "क्या हुआ तेरा वादा!-भाग 10!" से


सखी, क्या आपको नहीं लगता! कि नेताओं ने वादों को चटपटी पानीपूरी बना रखा है।  जनता से झटपट एक वादा कर दो और उसपर कुछ मिर्च-मसाले लगा कर परोस दो। चटपटे स्वाद के चक्कर में जनता झांसे में आ जायेगी और वोट दे देगी। 

बाद में जब वो प्रश्न पूछे तो कह दो -

भैया! चटपटा गोलगप्पा किसने गपका?..... चटपटी पानी पूरी किसने खाई?..... स्वाद आया कि नहीं..... आया.... तो यही तो जीवन है। आपने वादों को सुना, उन्हें खाया, एन्जॉय किया, अब मस्त रहो। स्वाद के साथ वादा भी स्वाहा! कहे रो रहे हो! 

सखी, इससे अच्छा हमारी कहानी पढ़ो, परमानेंट यहीं हैं। खाने के बाद भी, मतलब पढ़ने के बाद भी। 

गीता भदौरिया

कविता रावत

कविता रावत

जनता करे भी तो क्या करे राजनीति में अच्छे लोग तो आने से रहे और अगर कोई भूल से आ भी जाता है तो मुंह की खाता है और चुपचाप बैठ जाता है . अब यदि बहुत सी बुराईयों एक साथ हमारे सामने हों तो और उनमें से हमें किसी एक को चुनने को कहा जाय तो कम-ज्यादा का गणित लगाकर चुनना तो पड़ेगा ही न , ,, इसी का नाम प्रजातंत्र है, जहाँ पहले एक दिन प्रजा का होता है और फिर पांच साल तंत्र का होता है

19 जून 2022

गीता भदौरिया

गीता भदौरिया

19 जून 2022

बहुत सरल शब्दों में सटीक समीक्षा के लिए धन्यवाद🙏कविता जी

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रचनाएँ
जून 2022 डायरी
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समसामयिक विषयों पर मन की बातें साझा कर लेती हूँ। ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर।।
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4 साल का जवान !!!!

10 जून 2022
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दिनाँक : 10 जून, 2022समय : दोपहर एक बजेप्रिय सखी,कल आप सभी ने जो सलाह और संवेदना दी, आज मेरे स्वास्थ्य पर उसका असर सिखाई दे रहा है। आज फीवर भी नहीं आया। पर गला अभी इन्फेक्टेड है। लगता है 3

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“हिंदी क्या करेगी? सिर्फ हमें शूद्र बनाएगी”

10 जून 2022
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दिनाँक : 09.06.2022समय : दोपहर 1 बजेप्रिय सखी,शीर्षक पढ़कर चौन्क गई क्या?द्रमुक नेता और राज्यसभा सदस्य टीकेएस एलनगोवन ने अपने एक विवदास्पद बयान में दावा किया है कि हिंदी तमिलों का दर्जा घटाकर ‘शूद्र’ क

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तू कौन ? मैं खामखां!

11 जून 2022
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दिनाँक : 11.06.2022समय : शाम 6 बजेप्रिय सखी,आजकल कुछ नेताओं को 3 जून और 4 जून की रोटी भी नसीब हो रही है..... जेल में। कौन सफेदपोश है और कौन नकाबपोश है ये तो पता नहीं, पर जब एक ही थाली के बेगनों

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इवेंट मैनेजमेंट बनाम राजनीति

13 जून 2022
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दिनाँक: 13.06.2022समय : रात 11 बजेसखी,पहले बड़े- बड़े बिज़नेस हाउस इवेंट मैनेजमेंट करते थे। आजकल देश की राजनीति ही इवेंट मैनेजमेंट का घर बन गई है। साहब हर इवेंट के लिए पोशाक बदलते है। तो भला ब

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कोविशील्ड माने नो शील्ड😢 आप खुद जिम्मेदार हैं

14 जून 2022
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दिनांक: 14.06.2022समय : शाम 7 बजे।प्रिय सखी,पता है! मेरी कलीग को और मुझे, एक साथ फीवर आया। उसने कोरोना का टेस्ट कराया तो पॉजिटिव आया तो कल मैने भी टेस्ट कराया। आज मेरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव है। दोस्ती हो

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सांसद अग्निवीर योजना

17 जून 2022
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दिनाँक: 17.06.2022समय : शाम 10:30 बजेप्रिय सखी,शुभ संध्या!आफिस से आकर गर्म चाय के साथ गर्मागर्म आईडिया आया है। क्यों ना जनता एक योजना बनाये और सरकार से गुजारिश करे कि-1. सांसद ठ

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नेताओं के वादे माने चटपटे गोलगप्पे

19 जून 2022
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"आपको पता है, नेताओं को ना तो बैकवर्ड से कोई मतलब है, ना फारवर्ड से। उन्हें केवल वोट बैंक से मतलब है। वे जिसे वोटों के लिए भरमा सकते है, उन्हें आरक्षण का झुनझुना पकड़ाकर वोट लेते हैं। जिन्हें वोट बैंक

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कौन पॉवरफुल? मॉनिटर, टीचर या प्रिंसिपल

22 जून 2022
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दिनांक: 22.06.2022समय : शाम 7 बजेप्रिय सखी,12th में हमारी क्लास में सुनीता नाम की लड़की को टीचर ने मॉनिटर बनाया। वह ना तो पढ़ाई में टॉपर थी और ना व्यवहार मे बहुत अच्छी थी। हाँ! लम्बी तगड़ी सु

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क्या आप सुपर क्लास से आते है?

23 जून 2022
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दिनाँक: 23.06.2022समय: शाम 7:30 बजे। प्रिय सखी,यह देश हमारा है और इसको समर्थ बनाने में हम तन, मन और धन से पूरा योगदान करते हैं। यानी मन लगाकर काम करते हैं और धन देकर टैक्स भरते हैं। ताकि दे

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साम दाम दंड भेद

24 जून 2022
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दिनाँक : 24.06.2022समय: रात 8 बजेप्रिय सखी,भारत में चाणक्य को राजनीति का पुरोधा कहा जाता है। कौटिल्य या चाणक्य ने युद्ध की स्थितियों से बचने के लिए राज्य की राजनीति में समाधान लाने क

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आज के चाणक्य

28 जून 2022
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दिनाँक: 27.06.2022समय : रात 12 बजेप्रिय सखी,सुना था कि राजनीति बड़ी कमबख्त चीज होती है। फिर सुना कि बिजनेस बड़ी कुत्ती चीज होती है। ऐसा कोई सगा नहीं होता, जिसको बिजनेसमैन ने ठगा नहीं होता। ले

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एबॉर्शन अधिकार या मेडिकल इमरजेंसी

28 जून 2022
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दिनाँक : 28.06.2022समय : रात 8 बजेप्रिय सखी,3-4 दिन से अमेरिका की महिलाएं सड़कों पर हैं। एबॉर्शन का अधिकार कोर्ट द्वारा वापिस लेंने के फैंसले के खिलाफ पहले आंदोलन कर रहीं थीं। अब उन्होंने ध

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शब्दों की ताकत और कमजोरी

29 जून 2022
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दिनाँक: 29.06.2022समय: शाम 7 बजेप्रिय सखी,पता है रिश्ते बहुत नाजुक होते हैं और कुछ ही गलतफहमियां बड़ी समस्यायों की जड़ हो सकती हैं। कई बार हम अनजाने में अपनों को हर्ट कर देते हैं और आपको इस बात क

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