क्या कम उम्र की लड़कियों को होता है PCOD? जानिए इसके उपचार

05 जुलाई 2019   |  डॉ.स्नेहा दुबे   (28 बार पढ़ा जा चुका है)

फिल्म पैडमैन में अक्षय कुमार ने एक ऐसा मुद्दा उठाया जिसपर लोग बात नहीं करते। वो है महिलाओं को होने वाली माहवारी जिसे बहुत से लोग एक बीमारी समझते हैं। ये एक संवेदनशील मुद्दा है जो जिसके लिए महिलाओं को अलग-अलग तरीके से सहना पड़ता है। मासिक धर्म एक सामान्य प्रक्रिया है जो हर 21-35 दिनों में महिलाओँ को होती और ये प्राकृतिक है लेकिन अगर ये ठीक से नहीं होता तो कई तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं। उन्हीं में से एक है पीसीओडी जिसके लिए लोग गूगल पर pcod ka ilaj in hindi सर्च करते हैं लेकिन इसका उपचार आपको किसी एक जगह पूर्णरूप से नहीं मिल पाएगा। यहां मैं आपको PCOD के बारे में सभी जानकारियां और इसका आयुर्वेदिक इलाज बताऊंगी।


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बदलती जीवनशैली के कारण महिलाओँ में कई तरह की शारीरिक परेशानियां देखने को मिल जाती हैं और इन्हीं में से एक है PCOS/PCOD की बीमारी, जिसे पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम कहते हैं। 70% महिलाओं में दिखाई देने वाली समस्या महिलाओँ में तनाव और गलत खानपान की वजह से अनियमित पीरियड्स और प्रैग्नेंसी में आने वाली परेशानियों का सामना करना पड़ता है और इसके कारण पेट मे कैंसर और ओवरी में अल्सर की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इसमें बीमारी के लक्षण पहचान कर इलाज जरूरी होता है और दवाइयों के साथ ही आपको घरेलू उपचार करना चाहिए।


PCOD के कारण


शरीर में ज्यादा चर्बी होने के कारण एसंट्रोजन हार्मोन की मात्रा बढ़ने लगती है इससे ओवरी सिस्ट बनता है। आज के समय में ज्यादातर महिलाएं एक प्रसव उम्र की महिला इसी का शिरका हो रही हैं। कुछ एक्सपर्ट्स के मुताबिक जो महिलाएं तनाव भरा जीवन जीती हैं उनमें पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम की संभावना ज्यादा होती है। इसके कारण आपको जरूर जानना चाहिए-

1. हार्मोन असंतुलन

2. तनाव, टेंशन

3. समय पर खाना नहीं खाना

4. रात को देर से सोना

5. बहुत अधिक व्यायाम

6. यौन संबंध बनाने में सावधानी नहीं बरतना

7.शराब या धूम्रपान करना

8. डायबिटीज का बढ़ जाना

9. जंक फूड या कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन

10. मोटापा बढ़ने के कारण


PCOD के लक्षण


ये जरूरी नहीं है कि अनियमित माहवारी के होने से अचानक वजन बढ़ने या परिवार में अनियमित माहवारी का इतिहास होने से आपको PCOD हो जाता है। हर महिला में PCOD के लक्षणों का अलग मिश्रण होता है, इसके अलावा इन लक्षणों से भी इनकी पहचान होती है-

1. वजन बढ़ना

2. कब्ज, एसिडिटी

3. सिर दर्द, कमजोरी

4. चेहरे पर मुंहासे

5. ऑयली स्किन

6. बालों का झड़ना, ड्रैडंफ

7. अनियमित पीरियड्स

8. चेहरे और शरीर पर अनचाहे बालों का आना


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PCOD का आयुर्वेदिक इलाज


प्राकृतिक जगहों पर सैर करने से व्यक्ति का ना सिर्फ तनाव दूर होता है बल्कि उनमें आने वाली बुरी बातें भी दूर होती हैं। इसके अलावा शारीरिक रूप से भी आप रिलैक्समेंट फील करेंगी और इसके कारण आपकी PCOD की समस्या दूर हो सकती है। इसके अलावा आपको बीमारी से बचने के लिए PCOD का इलाज आयुर्वेद के रूप में करनी चाहिए।

1. मैग्नीशियम हड्डियों, मांसपेशियो आर दिमाग को मजबूत बनाता है। Dimag Tej Karne ke Upaye भी इसी प्रक्रिया के दौरान होती है और आपको इसके लिए नट्स, सोयाबीन, मछली, अलसी के बीच, कद्दू के बीज, डार्क चॉकलेट, केले और खजूर जैसी चीजों को शामिल करें।

2. दालचीनी का सेवन शरीर में इंसुलिन की मात्रा को बढ़ने से रोक देता है। 1 चम्मच दालचीनी पाउडर को गर्म मपानी में मिलाकर हर दिन पीना चाहिए इससे पीसीओडी की समस्या दूर हो जाती है।

3. Flax Seeds in Hindi यानी अलसी के बीज के बारे में तो आपने कई बार पढ़ें होंगे लेकिन ये महिलाओं के लिए भी लाभकारी होती है। अलसी के बीज को पीसकर गर्म पानी में मिलाकर हर दिन पिएं।

4. कॉफी या चाय का ज्यायादा सेवन समस्या पैदा कर सकता है। इसकी बजाए दिन में 2 बार पुदीने की चाय पिएं इससे आपकी पीसीओडी में दर्द,

5. सेब का सिरका लेने से शरीर को इंसुलिन के उत्पादन को दूर रखता है। इससे आपका वजन कम होने के साथ ही PCOD का खतरा कम हो जाता है।

6. मेथी के बीच आठ घंटे के लिए पानी में भिगो दें और फिर इसे पीसकर एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार खाएं। आपकी स्थिति में सुधार आएगा।

7. नियमित रूप से व्यायाम और योगा शरीर को फिट रखता है और महिलाओं की ये परेशानी भी दूर कर सकता है।

8. खाने मे दही, ताजे फल और सब्जियां सब शामिल करिए और बिना किसी लापरवाही के इसे नयमित रूप से खाएं।


PCOD इन चीजों में करें परहेज


1. PCOD के खतरे से बचने के लिए डाइट में मांस, नमक युक्त भोजन, मेवे, प्रोसेस्ड सब्जियां, मांस और सॉस को सीमित रूप से खाएं और हर दिन तो बिल्कुल नहीं खाएं।

2. प्रोसेस्ड आहार जैसे बर्गर, पिज्जा, मैगी या फिर दूसरे जंक फूड्स से दूरियां बना लें।

3. संतृप्त वसा वाली चीजें मीट्स, पनीर, खट्टा दही और तली हुई चीजों का भी कम सेवन करें।

4. शराब और धूम्रपान का सेवन भी आपको गहराई से इस खतरे मं में डाल सकता है।

5. तनाव और दूसरी परेशानियों से खुद को दूर रखिए।


निष्कर्ष- महिलाओं में तो निरंतर कई बीमारियां होती रहती हैं लेकिन मासिक धर्म ठीक से ना होने पर ही PCOD की परेशानियों में आपको आयुर्वेद का सहारा ले सकती हैं। फिर भी अगर आपको ये समस्या रहती है तो हमारे एक्सपर्ट्स से सलाह ले सकते हैं।

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अजीत सिंह
05 जुलाई 2019

बहुत ही उपयोगी लेख धन्यवाद यहाँ साझा करने के लिए।

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