तन-मन दोनों के लिए वरदान समान है मेडिटेशन

18 जनवरी 2019   |  मिताली जैन   (54 बार पढ़ा जा चुका है)

तन-मन दोनों के लिए वरदान समान है मेडिटेशन

आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में जब हर व्यक्ति किसी न किसी कारणवश तनाव में रहता है तो उसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। यही तनाव व्यक्ति को बीमार या यूं कहें कि बहुत बीमार बनाने के लिए काफी है। दवाईयों के सहारे खुशहाल जीवन नहीं व्यतीत किया जा सकता। इसलिए इन सभी परेशानियों से बचने का एक आसान और असरदार उपाय है मेडिटेशन। अपनी व्यस्त दिनचर्या में से आप महज 15-20 मिनट निकालकर मेडिटेशन कीजिए और फिर देखिए कि इससे आपको कितना लाभ होता है-


ऐसे करें मेडिटेशन


मेडीटेशन आपको मानसिक रूप से मजबूत बनाने का काम करता है। जिस तरह वर्कआउट के जरिए आपकी बाॅडी की मसल्स बिल्डअप होती हैं, ठीक उसी तरह मेडीटेशन आपकी मेंटल मसल्स को बिल्डअप करता है। मेडिटेशन करने के लिए किसी एक्सपर्ट की जरूरत नहीं है। आप समय मिलने पर बेहद आसानी से इसे कभी भी कर सकते हैं। इसके लिए आप किसी भी शांत जगह पर आंखें बंद करके बैठ जाएं और सिर्फ अपनी सांसों के आवागमन पर ही फोकस करें। इस दौरान आपके मन में बहुत से विचार आएंगे लेकिन आप न तो उन्हें आने से रोकने का प्रयास करें और न ही जाने के लिए फोर्स करंे। आपका पूरा ध्यान सिर्फ अपनी सांसों के लय पर होना चाहिए। कुछ ही देर में आप खुद को काफी रिलैक्स महसूस करेंगे। मेडिटेशन करने का तरीका जानने के बाद अब इसके फायदों को भी जानना बेहद जरूरी है।


सुधरती है मेंटल हेल्थ


आज के समय में लोग जिस कदर तनावपूर्ण जीवन जी रहे हैं, उसके कारण उनका मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। लेकिन अगर प्रतिदिन मेडिटेशन का अभ्यास किया जाए तो इससे मन को काफी शांति मिलती है और तनाव काफी हद तक कम मिलता है। इस तरह व्यक्ति की मेंटल हेल्थ भी धीरे-धीरे सुधरने लगती है। इतना ही नहीं, तनाव के कारण होने वाली अन्य समस्याएं जैसे सिरदर्द, अनिद्रा, मांसपेशियों व जोड़ों के दर्द से भी आराम मिलता है।


भावनाओं पर काबू


जो भी व्यक्ति मेडिटेशन का अभ्यास करता है, वह कुछ ही दिनों में अपनी भावनाओं व मन पर नियंत्रण करना सीख जाता है। मन में उठ रहे भाव व्यक्ति को प्रभावित नहीं कर पाते। ऐसे व्यक्ति जल्दी से किसी बात पर गुस्सा नहीं करते और न ही मुश्किल स्थिति में अपना नियंत्रण खोते हैं। इसलिए जिन लोगों को जल्दी गुस्सा आता हो या जो व्यक्ति बहुत अधिक इमोशलनी कमजोर हों, उन्हें तो मेडिटेशन अवश्य करना चाहिए। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन सुबह मेडिटेशन करने से मन को काफी खुशी मिलती है, जिससे पूरा दिन अच्छा गुजरता है।


मिलती है बेहतर नींद


काम की व्यस्तता और तनाव का बढ़ता स्तर नींद पर विपरीत प्रभाव डालता है। रात को अच्छी तरह नींद न लेने के कारण व्यक्ति कई तरह की बीमारियों से घिरा रहता है। लेकिन मेडिटेशन करने से जब तन व मन रिलैक्स होता है तो इससे रात को अच्छी नींद मिलती है।


बढ़ती है एकाग्रता


मेडिटेशन में ध्यान के माध्यम से मन को एकाग्र किया जाता है, इसलिए यदि इसका अभ्यास किया जाए तो मन को एकाग्र करने में मदद मिलती है। ऐसे व्यक्ति की कंसर्टेशन पावर बढ़ती है। बच्चों के लिए तो मेडिटेशन बेहद लाभदायक होता है क्योंकि इससे वह चीजों को जल्दी समझ जाते हैं और फिर उसे भूलते नहीं है। वहीं व्यस्क व्यक्ति द्वारा नियमित रूप से मेडिटेशन का अभ्यास करने से आॅफिस में उनकी परफार्मेंस बेहतर होती है। जिससे आॅफिस में भी एक सकारात्मक माहौल बनता है।


अगर हो रक्तचाप की समस्या


माॅडर्न लाइफस्टाइल डायबिटीज व ब्लडप्रेशर की समस्या की मुख्य जड़ है और भारत में लगभग हर घर में किसी न किसी व्यक्ति को इस समस्या का सामना करना पड़ता है। चूंकि तनाव के कारण रक्तचाप बढ़ने लगता है और हद्य संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए मेडिटेशन के जरिए तनाव को कम करके रक्तचाप संबंधित समस्याओं को भी आसानी से दूर किया जा सकता है।


स्किन के लिए लाभदायक


आपको शायद जानकर हैरानी हो लेकिन मेडिटेशन का असर सिर्फ आंतरिक स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि बाहरी तौर पर भी हो सकता है। वैसे भी कहा जाता है कि आपका शरीर इनरहेल्थ का ही एक आईना है। इसलिए जब आप भीतर से स्वस्थ व हैप्पी होते हैं तो उसका असर स्किन पर भी साफतौर पर दिखाई देता है। मेडिटेशन करने से मांसपेशियां काफी रिलैक्स होती हैं और नई त्वचा कोशिकाओं का निर्माण होता है। साथ ही तनाव का स्तर कम होने पर व्यक्ति लंबे समय जब जवां-जवां नजर आता है।


गर्भवती स्त्रियों के लिए वरदान


गर्भावस्था में स्त्री में कई तरह के शारीरिक व हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे अक्सर महिलाओं को मूड स्विंग्स होते हैं। इतना ही नहीं, प्रसव का समय नजदीक आने पर वह काफी तनावग्रस्त भी रहती है। जिसका सीधा असर उनके गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी पड़ता है। लेकिन अगर मेडिटेशन का नियमित अभ्यास किया जाए तो इससे महिला के भीतर सकारात्मक उर्जा का संचार होता है और वह खुद को काफी रिलैक्स व हेल्दी महसूस करती है।


घटता है वजन


मेडिटेशन भले ही सीधे तौर पर वजन कम नहीं करता, लेकिन इसकी मदद से वजन कम करने में सहायता मिलती है। दरअसल, मेडिटेशन करने से व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण कर पाता है। मन पर काबू होने के कारण व्यक्ति अपने खान-पान की आदतों को बेहद आसानी से सुधार लेता है और धीरे-धीरे उसका वजन कम होने लगता है। एक सर्वे से भी यह बात साबित हुई है कि वजन कम करने की चाह रखने वाले लोगों को मेडिटेशन करने से विशेष लाभ मिलता है।


अर्थराइटिस में लाभ


जिन लोगों को गठिया की समस्या है, उन्हें मेडिटेशन का अभ्यास प्रतिदिन और नियमित रूप से करना चाहिए। ऐसा करने से उन्हें अपनी परेशानी से काफी हद तक निजात मिलती है। एक रिपोर्ट से भी यह बात सामने आई है कि गठिया से पीड़ित व्यक्ति अगर नियमित रूप से मेडिटेशन करते हैं तो उनकी स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आता है।




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डॉ.स्नेहा दुबे
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