योग करने के आसान और सही तरीके || Yoga Karne Ke Tarike

27 मार्च 2019   |  डॉ मुकुल पांडेय   (107 बार पढ़ा जा चुका है)

योग करने के आसान और सही तरीके || Yoga Karne Ke Tarike

योग स्‍वस्‍थ जीवन जीने का एक तरीका है, जिसका उद्भव भारत में हुआ लेकिन अब इसे विश्‍वभर में विज्ञान की एक शैली के रूप में स्वीकार कर लिया गया है। इसी लिए दुनिया भर के लोग प्रत्येक वर्ष के 21 जून को विश्व योग दिवस को मनाते है। योग शरीर को स्वस्थ और निरोग रखने का सबसे बेहतर तरीका है लेकिन योग करने से पहले उसके तरीकें,नियम और लाभ के बारें में जानना बहुत ही जरुरी होता है। योग करते समय हुई छोटी सी गलती आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। आइए जानते है कि योग करने के तरीके Yoga Karne Ke Tarike क्या है और इससे हमारे शरीर को किस प्रकार लाभ पहुंचता है-


योग करने के नियम


1-योग को सुबह करना लाभदायक होता है क्योंकि उस समय मन शांत रहता है।

2-योग करने से पहले और कुछ समय बाद तक कुछ भी नहीं खाएं।

3-योग करते समय सांस नाक से लेते हुए मुंह से बाहर निकालना चाहिए।

4-जल्दीबाजी में योग का कोई भी आसान नहीं करें ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है।

5-योग करते समय उस योग संबंधित तरीका मालूम होना चाहिए। संभव हो तो शुरुआत में किसी प्रशिक्षित ट्रेनर के माध्यम से ही योग सीख कर करें।

6-योग को स्वच्छ और साफ स्थान पर करना चाहिए।


योग करने का सही तरीका


1-अगर आप सुबह के समय में योगा करने की सोच रहे है तो इससे बेहतर कुछ भी नहीं हो सकता है क्योंकि इस समय शरीर ताजा और स्फूर्ति से भरा रहता है।

2-योग करने के लिए हल्के और खुले कपड़े पहनें। खुले कपड़े पहनने से आप सभी योगासन आसानी से कर सकेंगे।

3-शुरु में योग करते समय आसान योग को अपनाएं और एक दिन में सभी योग आसान करने का प्रयास नहीं करें।

4-आप सूर्य नमस्कार से अपना योग प्रारंभ कर सकते है और यह आसान भी होता है।

5-अगर आप चाहते है कि आप नियमित योगा करे या समूह में करे तो आप योग केंद्र में प्रवेश ले सकते है।


सूर्य नमस्कार योग- सूर्य नमस्कार संस्कृत के दो शब्दों सूर्य और नमस्कार से मिलकर बना है। सुबह उठकर सूर्य नमस्कार आसन करना काफी लाभप्रद माना गया है। सूर्य नमस्कार कुल 12 स्टेप होते है और इसका प्रत्येक स्टेप अपने आप में बहुत लाभकारी है। पहले के 6 स्टेप के विपरीत बाकी का स्टेप होता है।





अधोमुखश्वानासन योग- इस योग को करने से मांसपेशियां मजबूत होती है और साइनस की समस्या दूर होती है।




अधोमुखश्वानासन योग करने की विधि


1.सर्वप्रथम सीधे खड़े हों और दोनों पैरों के बीच मेॆ छोड़ा दूरी रखें।

2.उसके बाद धीरे से नीचे की ओर मुड़ें जिससे की V जैसे Shape बनेगा।

3.उपरोक्त चित्र के अनुसार दोनों हाथों और पैरों के बीच में थोडा दूरी बनाए।

4.साँस लेते समय अपने पैरों की उँगलियों की मदद से अपने कमर को पीछे की ओर खींचें। अपने पैरों और हांथों को ना मोड़ें।

5.ऐसा करने से आपके शरीर के पीछे, हांथों और पैरों को अच्छा खिंचाव मिलेगे।

6.एक लम्बी से साँस लें और कुछ देरी के लिए इसी दशा में रुकें रहें।


ताड़ासन योग- इस आसन के करने से शरीर की लंबाई बढ़ती है और यह रीढ़ में दर्द की समस्या को दूर रखता है।




ताड़ासन योग करने की विधि


1. सर्वप्रथम अपने पैरों के मदद से सीधे खड़े हों।

2.उसके बाद दोनों पैरों के बीच थोडा सा जगह बनायें।

3.फिर एक लम्बी साँस के साथ अपने पैरों की उँगलियों की मदद से शरीर को थोडा ऊपर उठायें और अपने दोनों हांथों को धीरे-धीरे उपर उठायें। उसके बाद अपने एक

4.हाँथ की उँगलियों से दूसरी हाँथ के उँगलियों को जोड़ें।

5.कम से कम 15-30 सेकंड इस मुद्रा में रहें और अपने शरीर को ऊपर की और खींचें।

6.उसके बाद धीरे-धीरे अपने हांथों को सामान्य स्तिथि में ले आयें।


सुखासन योग- चिंता तनाव और मानसिक बीमारी में इस योग को करने से फायदा मिलता है। मन को शांति मिलता है और कमर के दर्द में राहत मिलती है



सुखासन योग करने की विधि


1.सबसे पहले फर्श पर एक दरी बिछाएं और दोनों पैरों को मोड़ कर बैठ जाएँ।

2.पैर कुछ इस तरीके से मोड़ कर बैठे कि एक पैर का नीचला हिस्सा बाहर की और दिखे और दूसरा अगले पैर के जांघों के नीचे।

3.उसके बाद सीधे बैठें और अपने रीड की हड्डी को सीधा रखें।

4.अपने दोनों हांथों के हथेलियों को ऊपर करके अपने घुटनों पर रखें और ज्ञान मुद्रा धारण करें।

5.धीरे-धीरे लम्बी साँस लें और धीरे-धीरे फिर साँस छोड़ें


वृक्षासन योग- इस योग को करने से पैरों में लड़खड़ाहट दूर होती है और पैरों और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है।




वृक्षासन योग करने की विधि


1.सबसे पहले अपने दोनों हांथों को बगल में रख कर सीधे खड़े हों।

2.उसके बाद ध्यान से अपने दाएने पैर को अपने बाएँ पैर के जांघ पर रखकर सीधे खड़े रहें।

3.उसके बाद धीरे-धीरे डॉन हांथों को जोड़ कर ऊपर की ओर ले जाएँ और प्रार्थना मुद्रा धारण करें।

4.कम से कम 30-45 सेकंड तक इस मुद्रा में बैलेंस करने की कोशिश करें।


सेतुबंधासन योग- यह आसन छाती को मजबूती देता है और साथ में रीड की हड्डी भी तंदुरुस्ती देता है। मन की चिंता दूर होती है।




सेतुबंधासन योग करने की विधि-


इस योग मुद्रा में आपको अपने शरीर को एक पुल के जैसे बनाना पड़ता है।

सबसे पहले जमीन पर सीधे लेट जाएँ और अपने बाहं को दोनों तरफ रखें।

जिस प्रकार चित्र में दिया गया है देखकर अपने शरीर के निचले हिस्से को उठायें।

उस मुद्रा में एक लम्बी सी साँस लें और लगभग 25-30 सेकंड तक रुकें।

उसके बाद धीरे-धीरे अपने शरीर को नीचे ला कर प्रथम मुद्रा पर लायें।

इस योगासन को 4-5 बार दोहराएँ।





शब्द हैल्थ पर अन्य चर्चायें

© शब्द हैल्थ (health.shabd.in)

01
डॉ.स्नेहा दुबे
जनरल फिजीशियन
  • हमारे डॉक्टर से निःशुल्क जानिए की आपकी समस्या का सर्वोत्तम समाधान अंग्रेजी, आयुर्वेदिक, या फिर होम्योपैथिक मे से किसमे उपलब्ध है?
  • नमस्ते!
  • क्या आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है?

    हाँ नहीं
  • अपनी समस्या बताइये

    बताइये
  • आप अपने पूरे परिवार का साल भर का मेडिकल कॉन्सल्टेशन केवल 997 रुपये मे पा सकते हैं।

    एक्टिवेट कीजिये